पूजा सामग्री और उसका उद्देश्य

अपनी नवरात्रि पूजा किट की हर सामग्री का उपयोग और उद्देश्य समझें, फिर संक्षिप्त विधि के साथ पूजा करें।

शुद्धता श्रद्धा नवरात्रि पूजा किट

किट में शामिल सामग्री

    पूजा से पहले की तैयारी

    थोड़ी पहले से की गई तैयारी से पूजा शांति से और सही क्रम में हो पाती है।

    किट के अलावा तैयार रखें

    • कलश
    • स्वच्छ जल
    • फूल / माला
    • घी या तेल
    • माचिस
    • माता की मूर्ति या चित्र
    • नारियल
    • आसन

    अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार यह सूची बदल सकती है।

    कुछ ज़रूरी बातें

    • पूजा स्थान साफ़ करें और पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
    • स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें।
    • पूजा शुरू करने से पहले सारी सामग्री थाली में क्रम से रख लें।
    • दीपक और धूप को पर्दे या कपड़ों से दूर रखें।

    नवरात्रि पूजा की संक्षिप्त विधि

    विधि में किट की सामग्री क्रम से उपयोग की गई है। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार ज़रूरी बदलाव कर सकते हैं।

      आवाज़ आपके फोन या ब्राउज़र की Hindi speech voice पर निर्भर करती है।

      या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
      नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

      जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति के रूप में विराजमान हैं, उन्हें बारंबार नमस्कार।

      नौ दिन, नौ देवियाँ

      नवरात्रि के प्रत्येक दिन माँ दुर्गा के एक स्वरूप की आराधना की जाती है।

      1. दिन 1

        शैलपुत्री

        पर्वतराज हिमालय की पुत्री। स्थिरता और दृढ़ संकल्प की प्रतीक।

      2. दिन 2

        ब्रह्मचारिणी

        तप और संयम की देवी। साधना का मार्ग दिखाने वाली।

      3. दिन 3

        चंद्रघंटा

        मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करने वाली। साहस और शांति देने वाली।

      4. दिन 4

        कूष्मांडा

        मान्यता है कि उनकी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना हुई।

      5. दिन 5

        स्कंदमाता

        भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता। ममता और वात्सल्य की प्रतीक।

      6. दिन 6

        कात्यायनी

        ऋषि कात्यायन की पुत्री। शक्ति और विजय की देवी।

      7. दिन 7

        कालरात्रि

        भय और अंधकार का नाश करने वाली देवी।

      8. दिन 8

        महागौरी

        पवित्रता, शांति और सौम्यता की प्रतीक।

      9. दिन 9

        सिद्धिदात्री

        भक्तों को सिद्धियाँ और आशीर्वाद प्रदान करने वाली।

      अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

      सूखा उपला पूजा में क्यों उपयोग होता है?

      कई परिवारों में हवन या धूप की प्रक्रिया में सूखे उपले का प्रयोग किया जाता है। यह परंपरा पर निर्भर करता है, इसलिए अपने घर की रीति का पालन करें।

      पूजा के बाद बची हुई सामग्री का क्या करें?

      मिश्री और पंच मेवा प्रसाद के रूप में बाँटे जाते हैं। जौ, कलावा आदि के लिए हर घर की अलग रीति होती है, इसलिए परिवार के बड़ों या पंडित जी से पूछ लें।

      क्या यह विधि हर परिवार के लिए एक जैसी है?

      नहीं। यह एक संक्षिप्त और सामान्य विधि है। क्षेत्र, कुल परंपरा और पंडित जी के निर्देश के अनुसार इसमें बदलाव हो सकते हैं।

      ऑडियो में आवाज़ साफ़ न आए तो क्या करें?

      फोन की settings में Hindi text-to-speech voice जोड़ें, या पेज को Chrome या Safari में खोलें। आप हर चरण पढ़कर भी विधि कर सकते हैं।

      किट या पूजा के बारे में कोई सवाल है?

      हमें WhatsApp पर संदेश भेजें, हम आपकी मदद करेंगे।

      WhatsApp पर संदेश भेजें
      WhatsApp पर पूछें